यूपी के सरकारी अस्पतालों से हटाये जा रहे आउटसोर्स कर्मी, पेंशन ले रहे पूर्व सैन्यकर्मियों की तैनाती से बढ़ा आक्रोश

सीएम से पूर्व सैन्यकर्मियों की तैनाती के आदेश को निरस्त करने की मांग, संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ ने भेजा पत्र

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इंडिन्यूजलाइन, लखनऊ
प्रदेश भर के सभी सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा में पूर्व सैन्यकर्मियों की तैनाती के बाद बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया जा रहा है। चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशालय से संबंधित आदेश के बाद जिलों में तैनात सीएमओ द्वारा कर्मचारियों को हटाए जाने से संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ में भारी आक्रोश है। साथ ही एक ओर सैनिक कल्याण निगम से ही इन पूर्व सैन्यकर्मियों तो दूसरी तरफ जेम पोर्टल अनुबंध पर कर्मचारियों की तैनाती के आदेश से नाराजगी है।

बिना जेम पोर्टल के पूर्व सैन्यकर्मियों की तैनाती का आदेश अवैधानिक, मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत
संघ के महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने इस आदेश को अवैधानिक बताते हुए मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत की है। श्री मिश्रा ने बताया कि सभी आउटसोर्स सेवाएं जेम पोर्टल के माध्यम से ही लेने का शासनादेश जारी हुआ था। आउटसोर्सिंग सेवाएं जेम पोर्टल से लिए जाने की नीति 2020 में ही बनाई गई थी। तब से अभी तक शासन की ओर से कई शासनादेश भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद महानिदेशक युवाओं को बेरोजगार कर पेंशनधारी लोगों को नौकरी देने का आदेश जारी कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों के खिलाफ भी बताया।

इसी तरह से कार्य मुक्त होते रहे तो प्रदेश के सभी अस्पतालों के कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ेगा
सच्चिता नन्द मिश्रा ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि अगर इसी तरह से कार्य मुक्त होते रहे तो प्रदेश के सभी अस्पतालों के कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ेगा। साथ ही हजारों की संख्या में कर्मचारी बेरोजगार होंगे। इसका सीधा असर अस्पताल के स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा। महामंत्री ने मुख्यमंत्री से तत्काल अस्पतालों में पूर्व सैन्यकर्मियों की तैनाती के आदेश को निरस्त कर आउटसोर्स सुरक्षाकर्मियों की सेवाएं जारी रखने की अपील की है। इसके लिए निर्देश जारी करने की भी मांग उठाई है।

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