यूपी में आउटसोर्सिंग के नाम पर शोषण: केंद्रीय राज्य मंत्री ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद कराने का दिया आश्वासन, संविदा संघ ने मिलकर सुनाई पीड़ा

लखनऊ: लखनऊ डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान संविदा कर्मचारी संघ तथा संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधि मंडल महामंत्री सच्चितानन्द मिश्र के नेतृत्व में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर से शनिवार को मुलाकात की। मंत्री ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की थी। मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि हमारी यह मंशा है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद की जाए, जिसके लिए हर संभव प्रयास उनके द्वारा किया जाएगा। बैठक में सच्चितानन्द मिश्र ने बताया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सेवा प्रदाता फर्म द्वारा कर्मचारियों का वेतन समय से भुगतान नहीं किया जाता है। साथ ही कई माह का वेतन बकाया कर घोटाला कर दिया जाता हैं। इसके अलावा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन पर 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान किया जाता है, जबकि यदि विभाग के सभी कर्मचारियों को एनएचएम से विभागीय संविदा पर समायोजित किया जाए तो सरकार पर व्यय भार भी कम होगा और घोटाला भ्रष्टाचार तथा कर्मचारियों का उत्पीड़न कम होगा। 

युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार....

महामंत्री श्री मिश्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में जहां एक ओर उन्हीं चिकित्सालयों में एनएचएम द्वारा उन्हीं पदों पर कर्मचारी कार्यरत है। वहीं, दूसरी ओर आउटसोर्सिंग व्यवस्था द्वारा कर्मचारियों की तैनाती कर युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।  श्री मिश्र यह भी अवगत कराया कि लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में जून 2021 में शासन द्वारा वेतन बढ़ोतरी के लिए गवर्निंग बॉडी की बैठक कर वेतन निर्धारण का आदेश का आदेश जारी होने के बाद भी अभी तक संस्थान की गवर्निंग बॉडी की बैठक नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों का वेतन बढ़ोतरी नहीं हो सका। सभी कर्मचारी आक्रोश में है। किसी भी समय आंदोलन कर सकते हैं। मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि हमारी यह मंशा है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद की जाए, जिसके लिए हर संभव प्रयास उनके द्वारा किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल...

प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष रणजीत सिंह यादव, महामंत्री सच्चितानंद मिश्रा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमरदीप सिंह, अरुण मौर्या तथा शुभम कसौधन मौजूद रहे। 

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