‘एक देश एक राशन कार्ड’ की तरह देशभर में ‘एक देश एक वेतन भत्ते’ की मांग, IPSEF ने लिखा पत्र

लखनऊ: इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) ने प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री एवं कैबिनेट सचिव भारत सरकार से मांग की है कि ‘‘एक देश एक राशन कार्ड’’ की तरह देशभर के सरकारी कर्मचारियों को ‘‘एक देश एक वेतन भत्ते’’ देने का निर्णय कर दें तो आए दिन कर्मचारी आंदोलन समाप्त हो जाएंगे। इससे केंद्र एवं राज्यों की सरकारों को शांति से काम करने का मौका मिलेगा और कर्मचारियों का सरकार को पूरा सहयोग भी मिलेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा एवं महामंत्री प्रेमचंद्र ने इस संबंध में पत्र लिखा है। महामंत्री प्रेमचंद्र ने बताया कि सोमवार को इप्सेफ की राष्ट्रीय कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक वीपी मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सर्व सम्मत प्रस्ताव पारित हुआ कि देशभर के कर्मचारियों को एकजुट करने के लिए पी.एच.सी., ब्लॉक स्तर से लोकल मुख्यालय तक के कर्मचारियों को एकजुट करने के लिए सभाएं/सम्मेलन किए जाएं। जिससे कोरोना से दिवंगत कर्मचारियों एवं उनके परिवार से भेंट कर उन्हें समुचित सहायता प्रदान की जाएगी। 50 लाख रुपए की अनुग्रह धनराशि, मृतक आश्रित को नौकरी एवं पारिवारिक पेंशन एवं अन्य देयों का भुगतान कराने में सहायता की जाए। इससे आप उसी पारिवारिक संबंध प्रगाढ़ होगा। इस कार्य के लिए ब्लॉक सी.एच.सी., पी.एच.सी. अस्पताल पर वर्चुअल बैठक की जाए तथा जिला प्रशासन से सहायता करने का अनुरोध किया जाए।

इंश्योरेंस कम्पनी भुगतान करने में कर रही टाल-मटोल

श्री प्रेमचंद ने बताया कि बीमा कम्पनी न्यू इंश्योरेंस कम्पनी भुगतान में टाल मटोल कर रही है। अधिकारी भी रूची नही ले रहे है, जिससे आक्रोश बढ़ रहा है। यह भी तय किया गया कि सभी राज्यों में इप्सेफ के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित करके देशभर के कर्मचारियों को एक सूत्र में बांधकर संगठन को सुदृढ़ किया जाए। बैठक में यह भी मांग की गई कि कोरोना से मृत कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपए के अनुग्रह, मृतक आश्रित को नौकरी, पारिवारिक पेंशन एवं अन्य देयों का भुगतान न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। वर्चुअल बैठक में उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शशि कुमार मिश्रा, के.के. सचान गिरीश मिश्र, अशोक कुमार, सुनील यादव, सुरेश अध्यक्ष परिषद, दिल्ली से दीपक ढोलकिया सलाहकार, आर.के. भदौरिया उपाध्यक्ष (केन्द्रीय समिति), एस बी सिंह, मध्य प्रदेश, सुभाष गंगुणे, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, बिहार, झारखण्ड, आसाम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखण्ड, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल, तमिलनाडु आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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