7 सितम्बर को संयुक्त संघर्ष समिति का प्रदर्शन, प्रभावित होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, संविदाकर्मियों ने कहा- सरकार की होगी जिम्मेदारी

लखनऊ: समान कार्य समान वेतन, नियमावली, न्यूनतम वेतन 18000 प्रतिमाह तथा समायोजन की मांग को लेकर आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी अगले माह सात सितम्बर को बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा घोषित इस धरना प्रदर्शन की तैयारियों व 'अधिकार दिलाओ बैठक' शनिवार को संघ के सभी जनपद शाखाओं की में आयोजित की गई। इस बैठक को अधिकार दिलाओ बैठक के रूप में जिला अध्यक्षों ने आयोजित किया। महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने बताया कि इसी क्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी बैठकें आयोजित की गई। बैठक में सभी ने आक्रोश जताते हुए यह चर्चा किया कि आज जेम पोर्टल द्वारा अनुबंध होने के बाद भी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 9057 रुपये प्रतिमाह भी नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर नर्सिंग तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों का वेतन भी एनएचएम से काफी कम है।

लोहिया में तैनात कर्मियों के वेतन में नहीं हुई वृद्धि

बैठक में चर्चा हुई कि लोहिया संस्थान में तैनात कर्मचारियों के वेतन में पिछले 5 वर्षों से बढ़ोतरी नहीं की गयी जबकि शासन ने केजीएमयू प्रशासन को आदेश दिया तो बेहद कम वेतन निर्धारित कर दिया गया। विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेज तथा चिकित्सालय में कार्यरत लगभग तीन लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारी आज बेहद कम वेतन तथा अस्थायी नौकरी के कारण जीवन यापन में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। वर्तमान कोविड महामारी में महत्वपूर्ण भूमिका होने के बाद भी सरकार ने युवा अनुभवी तथा आपातकालीन सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया है।

सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को तैयार कर्मचारी

महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा के मुताबिक सभी कर्मचारियों ने पूरी तरह से नाराजगी व्यक्त की है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को तैयार हैं। संघ ने मीडिया के माध्यम से अपील किया है कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं का जल्द निराकरण करते हुए न्यूनतम 18000 रुपये प्रतिमाह, समान कार्य समान वेतन तत्काल देते हुए सभी कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया जल्द पूरी करे नहीं तो अन्यथा की स्थिति में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रदेश स्तरीय आंदोलन होने पर स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। लोहिया संस्थान में रणजीत सिंह यादव, दीपेंद्र यादव, सच्चिता नन्द मिश्रा, विकास तिवारी तथा केजीएमयू में रितेश मल्ल, सतीश चंद चौहान, अमरदीप सिंह आदि लोगों ने बैठक आयोजित किया।

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